नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित फ्यूजन होम्स सोसाइटी में बुधवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ एक महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में अठारहवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। टावर-जी में रहने वाली नीतू मदान नामक इस महिला के आत्मघाती कदम से पूरी सोसाइटी में मातम और सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही बिसरख कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि अब तक इस चरम कदम के पीछे की ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है।

ससुर के बंद फ्लैट में जाकर की आत्महत्या

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि नीतू अपने पति और मां के साथ इसी सोसाइटी की सातवीं मंजिल पर रहती थी, जबकि उसके ससुर अठारहवीं मंजिल पर अकेले निवास करते हैं। बुधवार को जब उसके ससुर दवा लेने दिल्ली गए हुए थे, तब नीतू उनके फ्लैट की चाबी लेकर ऊपर पहुंची और अंदर से दरवाजा बंद करने के बाद बालकनी से नीचे कूद गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय नीतू के पति तरुण अपनी टैक्सी लेकर बाहर गए हुए थे और घर पर मौजूद उसकी वृद्ध मां को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनकी बेटी ऐसा खौफनाक कदम उठाने जा रही है।

पुलिस जांच और परिजनों से पूछताछ की स्थिति

बिसरख थाना प्रभारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस की टीमें वर्तमान में मृतका के पति और उसकी मां से पूछताछ कर रही हैं ताकि घर के भीतर के माहौल या किसी संभावित मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। महिला के मायके पक्ष के लोगों को, जो राजस्थान के श्रीगंगानगर के निवासी हैं, इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है और उनके नोएडा पहुंचने के बाद ही पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और गहनता से शुरू करेगी।

बेनतीजा कारणों के बीच उलझी कानूनी प्रक्रिया

शादी के छह साल बीत जाने के बाद भी नीतू का कोई बच्चा नहीं था, जिसे पुलिस जांच के एक पहलू के रूप में देख रही है, हालांकि परिजनों ने अभी तक किसी विशेष प्रताड़ना या विवाद का जिक्र नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही समय और अन्य चिकित्सीय तथ्यों की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल सोसाइटी के सुरक्षाकर्मियों और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीतू के अठारहवीं मंजिल पर जाने के दौरान उसे किसी ने देखा था या नहीं, और क्या उस वक्त उसके व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव नजर आया था।