धमकी भरे मेल में CM और बड़े नेताओं का जिक्र, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
दिल्ली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को बम धमकी वाला ईमेल मिला है। ईमेल में विधानसभा भवन और विधानसभा दिल्ली मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के मुताबिक, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को भी धमकी मिली है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को भी धमकी दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को भी धमकी मिली है। मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस समेत तमाम एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन की। अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। बता दें इससे पहले भी समय-समय पर इसी तरह ई-मेल के जरिए अलग-अलग स्कूलों, नामी प्रतिष्ठानों और विशिष्ट लोगों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं। लेकिन जांच पड़ताल में पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलता है। विधानसभा में बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल के बाद डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचा। विधानसभा की सुरक्षा और उत्तरी जिले की बम निरोधक दस्ते की टीमों द्वारा भी छानबीन की गई है। अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।
एक ही दिन में 300 से अधिक मेल
जुलाई, 2025 में 40 से 50 स्कूलों को बम धमकी वाले ई-मेल मिली थी। ये सभी संदेश झूठे निकले थे। वहीं, पिछले साल सितंबर में एक ही दिन में 300 से अधिक स्कूलों और कई हवाई अड्डों को धमकी भरी ई-मेल मिली थी। इन संदेशों को एक समूह ''टैरो राइज 111'' द्वारा भेजा गया था। इसी महीने शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स अस्पतालों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। लेकिन, वहां भी कुछ नहीं मिला। साल 2026 में भी यह सिलसिला जारी रहा। फरवरी और मार्च में करीब 15 से ज्यादा स्कूलों के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर लाल किला और दिल्ली विधानसभा को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
वीपीएन से भेजी गईं ई-मेल
पुलिस जांच में पाया गया कि अधिकतर ई-मेल वीपीएन और एन्क्रिप्टेड सर्वरों के माध्यम से भेजे गए, जिससे प्रेषक की वास्तविक पहचान छुपी रही। साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों को जांच में शामिल किया गया। कुछ मामलों में यह भी सामने आया कि धमकी भेजने वाले नाबालिग थे। जुलाई 2025 में एक 12 वर्षीय छात्र द्वारा मजाक में भेजी गई धमकी का मामला उजागर हुआ। उसने स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य स्कूल बंद करवाना था।

