विपक्ष के आरोपों पर मंत्री का जवाब, छिड़ी जोरदार बहस
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते समय संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस छिड़ गई. चर्चा के करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार और अदाणी के बीच समझौते का मुद्दा सदन में उठा दिया।
उमंग सिंघार ने सदन में उठाया अदाणी का मुद्दा
उमंग सिंघार ने अपने संबोधन में कहा कि अदाणी को बिजली खरीदने के नाम पर आने वाले 25 सालों के लिए 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बात का सबूत दें, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा भी देंगे. इस दौरान दोनों के बीच बहस शुरू हो गई. हंगामा बढ़ते देख सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- गुस्सा मन में न हो
सदन में हुई इस नोकझोक के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दुर्भाय यह स्थिति बन गई है. एमपी विधानसभा का गौरवशाली इतिहास है. आज असहज स्थति विधानसभा में बन गई. दोनो पक्षो की तरफ से गुस्सा आ गया है. अध्यक्ष ने आगे कहा कि पटवा जी बोलते थे सदन में गुस्सा चेहरे पर दिखना जरूरी है पर गुस्सा मन में न हो।
अपने व्यवहार पर मंत्री ने जताया दुख
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में अपने व्यवहार पर निंदा व्यक्त करते हुए कहा कि आज मैं अपने ही व्यवहार से खुश नहीं हूं. उन्होंने कहा कि आज तक मुझे इतना गुस्सा कभी नहीं आया है. हम सबकी जवाबदारी है की संसदीय परंपरा का पालन करें. मंत्री ने आगे कहा कि 37 साल के राजनीतिक जीवन में कभी भी संसद में मुझे गुस्सा नहीं आया है. उमंग सिंघार को बच्चे की तरह प्यार करता हूं, लेकिन उमंग का बॉडी लेंग्वेज सही नहीं था. मंत्री कैलाश विजयर्गीय ने कहा कि मैं आज की घटना से बेहद दु:खी हूं।
सीएम मोहन यादव ने सबकी तरफ से मांगी माफी
सीएम मोहन यादव ने सदन में बड़ा दिल दिखाते हुए कहा कि शब्दों के साथ अंदर के भाव होना चाहिए. सबकी तरफ से मैं माफी मांगता हूं. इस पर उमंग सिंघार ने सदन में कहा कि सीएम मोहन यादव ने बड़ा दिल दिखाया है उसका मैं सम्मान करता हूं. इसके बाद उमंग सिंघार ने भी सदन में इस बहस पर खेद व्यक्त किया।

