दिल्ली। राजधानी में एलपीजी गैस की कमी के कारण कई छोटे होटल, ढाबे और फुटपाथ पर खाने-पीने की दुकानों में काम करने वाले लोगों के रोजगार पर संकट आ गया हैं। गैस की आपूर्ति न होने से इन व्यवसायों का काम ठप हो गया है और इससे जुड़े कर्मचारियों और मजदूरों पर रोजगार संकट आन पड़ा है। होटल और ढाबों संचालकों के अनुसार, उन्हें काम चलाने के लिए गैस नहीं मिल रही है, जिससे उनका रोज का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।

गैस की कमी ने रोजगार पर असर डाला

राजेंद्र नगर में एक होटल के मालिक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि गैस न मिलने की वजह से उनका होटल बंद है। इसके कारण न तो होटल चल रहा है और न ही कर्मचारियों को वेतन मिल पा रहा है। इसके अलावा आरकेपुरम के एक ढाबे पर काम करने वाले रामवीर ने बताया कि पिछले दो हफ्ते से ढाबे की रसोई में गैस नहीं आई। इससे पहले उनके ढाबे में रोजाना 10 से 15 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन अब कई लोग घर पर बैठे हैं। वहीं, अन्य कामगार मीरा ने बताया कि उनके पास कोई काम नहीं है और घर का खर्च बढ़ रहा है। बच्चों की फीस और राशन की चिंता उन्हें सताने लगी है। उन्होंने बताया कि दूध, सब्जी और रोटी की आपूर्ति भी अब प्रभावित होने लगी है, जिससे छोटे दुकानदार भी परेशान हैं।

छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ी

लक्ष्मी नगर, करोल बाग, आरकेपुरम, द्वारका और शाहदरा समेत कई इलाकों में छोटे कारोबारियों को गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं। दक्षिणपुरी में फास्ट फूड का स्टॉल चलाने वाले मन्नू ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उन्हें नया सिलिंडर नहीं मिला है। बिना गैस के खाना बनाना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें मजबूरी में दुकान बंद करनी पड़ी। वहीं, आरकेपुरम में मोमोज की दुकान चलाने वाले रोबिन ने बताया कि सिलिंडर न मिलने के कारण रोज लाइन में खड़े होना पड़ता है, लेकिन कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सिलिंडर न होने के कारण उनकी दुकान अब बंद है।

महंगी गैस से बढ़ी गरीबों की परेशानी

गैस की कमी के साथ कीमतें भी बढ़ गई हैं। छोटे सिलिंडरों में गैस पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। मजदूरों के अनुसार, पहले जितने पैसे में हफ्ते भर की गैस मिल जाती थी, अब उतने पैसे में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चल पाता है। कई परिवारों ने गैस का इस्तेमाल कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग चाय और अन्य चीजें बनाने के लिए लकड़ी या कोयला इस्तेमाल करने लगे हैं। आरके पुरम की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग बताते हैं कि उनकी परेशानियों की ओर शायद ही कभी किसी का ध्यान जाता है। गैस की कमी सबसे ज्यादा गरीब परिवारों को प्रभावित कर रही है क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

बुकिंग के बाद भी लंबा इंतजार

लक्ष्मी नगर, आरके पुरम, विवेक विहार, पंजाबी बाग, मुनिरका, मयूर विहार और संगम विहार समेत कई इलाकों में गैस डिलीवरी में देरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन या फोन से गैस सिलिंडर बुक कराया, लेकिन तय समय के भीतर डिलीवरी नहीं हुई। कई मामलों में लोगों को 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। लक्ष्मी नगर निवासी प्रिंस ने बताया कि उन्होंने करीब दस दिन पहले सिलिंडर बुक कराया था, लेकिन अभी तक गैस नहीं पहुंची। एजेंसी में कई बार संपर्क करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इसी तरह करबला की खुशी ने बताया कि गैस खत्म होने के बाद उन्हें पड़ोसियों से सिलिंडर लेकर काम चलाना पड़ा। उन्होंने बताया कि गैस न मिलने पर वह अब इंडक्शन पर खाना बना रही है।