बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
ब्रिक्स समिट के बीच 11 सितंबर को देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। बैंक यूनियनों ने पांच-दिवसीय बैंकिंग और अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। शुक्रवार (11 सितंबर) को हड़ताल के बाद अगले दो दिन शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी, जिससे कई क्षेत्रों में लगातार तीन से चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने की आशंका है।
हड़ताल का मुख्य कारण
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच-दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर यह आह्वान किया है। मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठकें बेनतीजा रहीं। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) का कहना है कि सरकार और प्रबंधन के सुस्त रवैये के कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाना पड़ा है।
ग्राहकों पर पड़ने वाला असर
हड़ताल के कारण सार्वजनिक बैंकों में चेक क्लीयरेंस, नकद जमा और निकासी जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई प्रमुख बैंकों ने ग्राहकों को इस संबंध में अलर्ट जारी किया है। 11 सितंबर (शुक्रवार) को हड़ताल के बाद 12 और 13 सितंबर को सप्ताहांत अवकाश रहेगा, जबकि 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी होने से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।
यूनियनों की अन्य प्रमुख मांगें
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पेंशन अद्यतन: पेंशन में सुधार और सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला।
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एनपीएस से ओपीएस: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना।
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समानता का तर्क: यूनियनों का तर्क है कि आरबीआई, एलआईसी, नाबार्ड, केंद्र सरकार और शेयर बाजार में पहले से ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है।
यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 28 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।

