दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक पर सख्ती, कमर्शियल वाहनों की एंट्री बंद
नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को देखते हुए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता को बढ़ा दिया है। टर्मिनल-3 के पियर-सी को चरणबद्ध तरीके से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए शुरू कर दिया गया है। सभी सुरक्षा मानकों, परिचालन जांचों और औपचारिक मंजूरियों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।
तैयारियों से टर्मिनल-3 की क्षमता में 50 फीसदी की बढ़ोतरी
11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस बड़े सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रमुख, वरिष्ठ प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी शिरकत करेंगे। पियर-सी के संचालन से टर्मिनल-3 की क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। इसके पूरी तरह सक्रिय होने के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की क्षमता सालाना 50 प्रतिशत बढ़कर 3.10 करोड़ हो जाएगी। सुरक्षा और इमिग्रेशन से जुड़ी सभी केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सुचारू संचालन सुनिश्चित किया गया है।
मेहमानों के स्वागत के लिए सजी राजधानी, सौंदर्यकरण का कार्य तेज
विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए नई दिल्ली को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। प्रमुख चौराहों और वीआईपी रूट पर 15 हजार से अधिक गमले, 15 पुष्प बोर्ड और नौ पुष्प फव्वारे लगाए गए हैं। भारत मंडपम की ओर जाने वाले मार्गों, प्रमुख बाजारों और गोलचक्करों को आकर्षक लैंडस्केपिंग से संवारा गया है। इसके अतिरिक्त चाणक्यपुरी स्थित ब्रिक्स फ्रेंडशिप रोज गार्डन को भी सुंदर रूप दिया गया है।
11 से 13 सितंबर तक यातायात पर रहेगा कड़ा प्रतिबंध, कमर्शियल वाहनों का प्रवेश बंद
सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली और लुटियंस जोन में कड़ा यातायात प्लान लागू रहेगा। अन्य राज्यों से आने वाले व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों का दिल्ली में प्रवेश वर्जित रहेगा, हालांकि आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। डीटीसी बसों के रूट भी कई इलाकों में डायवर्ट किए गए हैं, जबकि दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली पुलिस ने गूगल मैप्स पर रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट की व्यवस्था की है।
यमुना खादर से लेकर सीमाओं तक सख्त पहरा, ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध
सुरक्षा के मद्देनजर पूर्वी दिल्ली और उत्तर प्रदेश से सटे सीमावर्ती इलाकों (जैसे चिल्ला, गाजीपुर, आनंद विहार और अप्सरा बॉर्डर) पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून जैसी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों और यमुना खादर में बोट (नाव) एवं ड्रोन से चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है।

