मुंबई: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सियासी खेमे में खलबली मचाने वाला बड़ा दावा किया है। 'ऑपरेशन टाइगर' की पुष्टि करते हुए सरनाईक ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के कई मौजूदा विधायक उनके और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने किसी तय तारीख या संख्या का खुलासा करने से इनकार कर दिया। सरनाईक ने कहा कि ठाकरे परिवार या उनकी पार्टी राजनीति से पूरी तरह समाप्त भले न हो, लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव तेजी से घट रहा है। चुनाव जीतकर आए कई जनप्रतिनिधियों को अब अपनी भूल का अहसास हो रहा है और वे शिंदे गुट का रुख कर रहे हैं।

'हिंदुत्व के सिद्धांतों से भटके उद्धव ठाकरे'

प्रताप सरनाईक ने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' को किसी औपचारिक आंकड़े के रूप में देखने के बजाय विचारधारा की लड़ाई के तौर पर समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने जिन कट्टर हिंदुत्ववादी सिद्धांतों पर शिवसेना की नींव रखी थी, 2019 में कांग्रेस-राकांपा के साथ गठबंधन कर उद्धव ठाकरे ने उन सिद्धांतों से पूरी तरह किनारा कर लिया। इसी वैचारिक समझौते के कारण पार्टी के नेता और सांसद-विधायक एक-एक कर उनका साथ छोड़ रहे हैं।

'बालासाहेब की विचारधारा के लिए विलेन बनने में भी खुशी'

पार्टी में हुई बगावत पर खुलकर बोलते हुए सरनाईक ने कहा कि हिंदुत्व का त्याग ही इस राजनीतिक बिखराव का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतकर आए विधायकों को अब अहसास हो रहा है कि उन्होंने गलत पक्ष चुना था, इसलिए वे वापसी के लिए संपर्क साध रहे हैं। सरनाईक ने तंज कसते हुए कहा कि यदि बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों को जिंदा रखने और आगे ले जाने के लिए लोग उन्हें 'विलेन' मानते हैं, तो वे खुशी-खुशी इस भूमिका को स्वीकार करते हैं।

मराठी भाषा विवाद पर दिया बयान: मुंबई ने पलायन करने वालों को अपनाया

महाराष्ट्र में भाषा को लेकर छिड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सरनाईक ने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों में पूर्व में रोजगार और व्यापार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने मुंबई का रुख किया और इस शहर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों से व्यावहारिक मराठी भाषा सीखने का आग्रह किया जाता है, तो इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।

गरबा में मुस्लिम प्रवेश और बुर्का बैन पर नितेश राणे से असहमति

गरबा आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश और बुर्के पर प्रतिबंध से जुड़े नितेश राणे के बयानों से सरनाईक ने स्पष्ट असहमति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान अक्सर केवल सुर्खियां बटोरने के लिए दिए जाते हैं। सरनाईक ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके द्वारा आयोजित दही हांडी और गणेशोत्सव में मुस्लिम समुदाय के लोग भी सहर्ष शामिल होते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सरसंघचालक मोहन भागवत के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि त्योहारों में सभी वर्ग की भागीदारी पर व्यर्थ का विवाद नहीं होना चाहिए और सद्भाव ही हिंदू जीवन मूल्यों का आधार है।