CG में भूजल स्थिति में रिकॉर्ड सुधार, सभी विकासखंड क्रिटिकल श्रेणी से बाहर
रायपुर: भूगर्भ जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्षा जल की बूंद-बूंद को सहेजने और उसे भूजल स्तर तक पहुंचाने के उत्कृष्ट प्रयासों के चलते, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। 'जल संसाधन आकलन-2026' की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का अब एक भी विकासखंड भूजल दोहन की 'क्रिटिकल' या संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल नहीं है। इस मानसून के बाद राज्य के सभी प्रभावित ब्लॉक संकट से पूरी तरह बाहर आ चुके हैं।
वर्ष 2020 में 9 ब्लॉक थे संकटग्रस्त, 2026 में सभी हुए पूरी तरह सुरक्षित
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 में राज्य के 9 विकासखंड संकटग्रस्त श्रेणी में दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2025 तक भी 5 विकासखंड इस चिंताजनक स्थिति में बने हुए थे। हालांकि, 2026 के नवीनतम आकलन में ये सभी 5 विकासखंड भी संकटग्रस्त श्रेणी से बाहर निकलने में सफल रहे हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुल 12 विकासखंडों की भूजल स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और वर्तमान में राज्य का कोई भी क्षेत्र जल संकट की स्थिति से नहीं जूझ रहा है।
14.65 BCM के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा वार्षिक भूजल रीचार्ज
जल संसाधन आकलन-2026 की रिपोर्ट दर्शाती है कि राज्य में पूरी तरह सुरक्षित विकासखंडों की संख्या बढ़कर अब 127 तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश का वार्षिक भूजल रीचार्ज बढ़कर 14.65 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज किया गया है। आने वाले समय में राज्य सरकार का विशेष ध्यान 11 जिलों के अंतर्गत आने वाले 19 अर्ध-संकटग्रस्त (सेमी-क्रिटिकल) विकासखंडों के जल स्तर में सुधार लाने पर रहेगा।
जल संचयन और पुनर्भरण के लिए निर्मित की गईं 79,000 से अधिक संरचनाएं
वर्षा जल संचयन की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए योजनाबद्ध कार्यों के तहत कुल 79,775 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित किया गया था, जिनमें से 77,719 संरचनाएं पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी हैं। इन व्यापक प्रयासों ने राज्य में जल पुनर्भरण की प्रक्रिया को नई गति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, प्रधानमंत्री का जताया आभार
छत्तीसगढ़ की इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की जनता को बधाई दी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "'जन शक्ति से जल शक्ति' के विज़न और 'जल संचय जन भागीदारी' अभियान ने प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को एक नया आयाम दिया है। शासन के विभिन्न विभागों, स्थानीय प्रशासन, किसानों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही आज यह जल संरक्षण अभियान एक व्यापक जनांदोलन का रूप ले सका है।"

