केरल चुनाव 2026: PM मोदी ने LDF और UDF पर साधा निशाना, भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया
तिरुवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार से केरल में भाजपा के चुनाव प्रचार की शुरुआत की। पलक्कड़ में रैली के बाद पीएम त्रिशूर पहुंचे हैं। यहां उनका रोड शो 34 मिनट तक चला। सडक़ के दोनों ओर लोगों की भीड़ मौजूद रही। इससे पहले पलक्कड़ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था कि दशकों से केरल मतलबी पॉलिटिक्स के दो मुखौटों के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ एलडीएफ, दूसरी तरफ यूडीएफ, एक तरफ कम्युनिस्ट, दूसरी कांग्रेस। एक क्रप्ट, दूसरा महा-क्रप्ट। एक कम्युनल, दूसरा महा-कम्युनल।
एलडीएफ और यूडीएफ की सारी पॉलिसी सिर्फ वोट-बैंक पॉलिटिक्स के लिए है। पीएम ने कहा कि इन भ्रष्टाचारी पार्टियों को बीजेपी से डर लगता है। अगर हम सत्ता में आ गए तो इनके सारे काले कारनामों की पोल खुल जाएगी। कांग्रेस और कम्युनिस्टों के डबल गेम पर चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री ने जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि आजकल ये दोनों दल एक नया प्रोपेगेंडा चला रहे है। कम्युनिस्ट कहते हैं कि कांग्रेस बीजेपी की बी टीम है, वहीं कांग्रेस कहती है कि कम्युनिस्ट बीजेपी की बी टीम है। इसका सीधा मतलब तो यही हुआ कि दोनों ने खुद ही मान लिया है कि केरल में असली और इकलौती टीम सिर्फ बीजेपी ही है।
मिडल ईस्ट पर कांग्रेस की टिप्पणी खतरनाक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का भारत पर कम से कम प्रभाव पड़े। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए भारतीयों के जीवन को खतरे में डालने वाली खतरनाक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केरल के कई लोग संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय सभी का ध्यान पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर केंद्रित है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि भारत पर इसका कम से कम प्रभाव पड़े। जारी राजनयिक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध की शुरुआत से ही मैं इन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ लगातार संपर्क में हूं। सभी राष्ट्र संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

